विचारों में आपके हमें वो शुद्धता मिली,
मनो सालों बाद किसी के दिल की बात सुनी ,
दिल को सुकून मिला की एक पवित्रता बची है,
मानो या न मानो आपकी सोच हसीं है
बचाए रखना खुदा की इस नैमियत को ,
क्युकी आपकी सोच में एक नमी है
आपके विचारों को हम सलाम करते हैं
और दुआओं की छठा से आपका स्वागत करते हैं !!!
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